UP By-Election 2024 में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रत्याशी घोषित होने के बाद बीजेपी के महानगर अध्यक्ष Sanjeev Sharma ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा है कि UP में होने जा रहा उप-चुनाव 2027 के चुनाव का सेमीफाइनल है। लिहाजा, पार्टी, पीएम, सीएम योगीजी को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ता बूथ-बूथ, गली-गली और मुहल्ले-मुहल्ले मतदाताओं को सरकार की नीतियों और योजनाओं से अवग कराने के साथ-साथ पार्टी की विचारधारा का प्रचारक-प्रसार करे।
सुबह 10 बजे पहले हवन, फिर नामांकन
Sanjeev Sharma ने अपना कार्यालय नवयुग मार्केट स्थित उसी चुनाव कार्यालय में बनाया है जहां से लोकसभा चुनाव के दौरान अतुल गर्ग के लिए पार्टी के चुनाव प्रचार का काम देखा गया था। नवयुग मार्केट अंबेडकर पार्क के सामने स्थित चुनाव कार्यालय पर पहले विधिवत हवन और पूजापाठ के साथ चुनाव कार्यालय का उद्घाटन होगा, फिर बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ Sanjeev Sharma नामांकन दाखिल करने जिलाधिकारी कार्यालय जाएंगे।
ये हैं Sanjeev Sharma
Sanjeev Sharma वर्तमान में बीजेपी के महानगर अध्यक्ष हैं और लंबे समय से पार्टी ग्राउंड वर्कर से लेकर तमाम जनप्रतिनिधियों और नेताओं से मधुर संबंध हैं। पार्टी में किसी तरह का भी अंदरुनी मसला हो उसे बड़े ही विवेकपूर्वक सुलझाने में महारथ हासिल है। पार्टी में VK Singh बनाम Atul Garg विवाद में भी मध्यस्थ की भूमिका निभाकर माहौल को पार्टी के अनुकूल रखकर विधानसभा चुनाव से लेकर निगम और लोकसभा के चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों को जीत दिलाने में अहम रोल अदा किया है।
सदस्यता अभियान में इज्जत बचाने का इनाम
पिछले दिनों पार्टी की तरफ से चलाए गए सदस्यता अभियान में सिर्फ गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र ही ऐसा रहा जिसने पश्चिम उत्तर प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में सदस्यता के मामले में गाजियाबाद की साख बचाई। पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश की विधानसभाओं में सदस्यता के मामले में Sanjeev Sharma के नेतृत्व में चले अभियान में महानगर चौथे स्थान पर रहा। हालाकि वोटर्स के मामले में सबसे बड़ी विधानसभा रही साहिबाबाद को भी छठा स्थान मिला। चर्चा है कि कई मजबूत दावेदार होने के बावजूद संजीव की पैरवी में खड़े सांसद Atul Garg और जिले के विधायकों के साथ-साथ सदस्यता अभियान में उनकी टीम के द्वारा की गई मेहनत भी टिकट फाइनल कराने में अहम रही।
इन्हें पटखनी देने में हुए कामयाब
पार्टी में टिकट की रेस में यूं तो पूरी लिस्ट थी। मगर आखिर में दिल्ली दरबार में जो सूची पहुंची उसमें सबसे ऊपर नाम Sanjeev Sharma का ही था। निर्विवादित होने की वजह से पूर्व महानगर अध्यक्ष Ajay Sharma, Ashok Monga, Mayank Goyal, Lalit Jaiswal समेत करीब एक दर्जन दावेदार रहे। मगर, अधिकांश के नाम लखनऊ तक ही सिमट कर रह गए। हालाकि General VK Singh की बेटी की दावेदारी खासी परेशानी में डालने वाली रही।


